हिंदुस्तान मात्र ऐसा देश है जहां धरती माता ने लाखों क्रांतिकारियों को जन्म के साथ-साथ ऐसे हजारों महान पुरुषों को को इस धरती पर भेजा है जिन्होंने देश में ही नहीं बल्कि दुनियां के अलग- अलग देशों में भारत माता का नाम रोशन किया है तथा वर्तमान में, इसी को देखकर सिविल सर्विस परीक्षाओं में अक्सर प्रश्नों को पूछा जाता है| इससे पहले किस तरह से भारत महान महिला लता मंगेशकर के बारे में पढ़ा, इस लेख में किशोर कुमार के बारे में जानेगे | यहाँ प्रमुख व्यक्तित्व इस प्रकार है:- लता मंगेशकर, किशोर कुमार, समुद्र गुप्त, कालिदास, माखनलाल चतुर्वेदी, रजनीश जैन और कैलॉस सत्यार्थी आदि|
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किशोर कुमार का जन्म तथा माता- पिता :-
भारतीय सिनेमा के कोहिनूर किशोर जी का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में हुआ था, इसका असली नाम आभास कुमार गांगुली था उन्होंने आजीवन अपनी जन्मभूमि पर गर्व किया |
किशोर कुमार ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा हासिल करने के बाद इंदौर के एक क्रिश्चियन कालेज में दाखिला लिया और स्नातक की शिक्षा हासिल की तथा इन्होने सबसे पहले साल 1946 में फिल्म “शिकारी” में बतौर अभिनेता अपने करियर की शुरुआत की |
आपातकाल के दौरान की घटना :-
वर्ष 1975 में, आपातकाल के समय एक सरकारी समारोह में भाग लेने से साफ मना कर देने पर तत्कालीन सुचना तथा प्रसारण मंत्री विद्याचरण शुक्ला ने किशोर जी के गीतों को आकाशवाणी से प्रकाशित होने पर रोक लगा दी थी|
किशोर जी ने वर्ष 1987 में निर्णय लिया कि वह अब फिल्मों से सन्यास ले लेंगे और वापस अपने गाँव खंडवा लौट जायेंगे, वह अक्सर कहा करते थे कि “दूध जलेवी खायेंगे, खंडवा में बस जायेंगे” | हालाकिं इनकी बहुत इच्छा थी जब इनकी मृत्यु हो तो वो अपने गाँव में हो, लेकिन भगवान के यह मंजूर नहीं हुआ और 13 अक्तूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से इनका निधन हो गया |
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FAQ
यह अक्सर कहा करते थे “दूध जलेवी खायेंगे, खंडवा में बस जायेंगे |
भारतीय सिनेमा जगत के कोहिनूर के नाम से जाना जाता था|
13 अक्तूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से इनका निधन हो गया |
उस समय के प्रसारण मंत्री विद्याचरण शुक्ला ने किशोर जी के गीतों को आकाशवाणी से प्रकाशित होने पर रोक लगा दी थी क्योंकि इन्होने उनका कहना नही माना था|
यह नमर्दा नदी के किनारे है|
इनका जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में हुआ था तथा इनको भारतीय सिनेमा का कोहिनूर के नाम से भी जाना जाता है |
इन्होने सबसे पहले वर्ष 1946 में फिल्म “शिकारी” में बतौर अभिनेता अपने करियर की शुरुआत की थी|
इसका असली नाम आभास कुमार गांगुली था, तथा इसको भारतीय सिनेमा जगत का कोहिनूर कहा जाता है|
