यह एक ऐसी लोकसभा है जिसके अधिकांश जिले गंगा बहाव के चपेट में आते है जिसमें से मनिहारी सबसे प्रमुख है। कटिहार एक लोकसभा है और विधानसभा (63) भी। इस लोकसभा में 6 विधानसभायें आती है इस प्रकार हैं-: Katihar, kadwa, Balrampur, pranpur, Manihari (ST) और Barari, वर्तमान में यहाँ से बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद हैं जोकि वर्ष 2005 से 2020 रहे और ऐसा भी कहा जाता है यह भारतीय जनता पार्टी बिहार इकाई बहुत बड़े नेताओं में से एक हैं।
कटिहार विधानसभा का चुनावी समीकरण
- 1957 में पहला चुनाव हुआ जिसमें बाबूलाल मांझी और सुखदेव नारायण सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की। अगले विधानसभा 1962 में फिर से सुखदेव नारायण सिंह जीते।
- यह दौर था जब जनसंघ तेजी से अपनी विचारधारा लोगों तक फैला रहा था इसलिये 1967 जगबंधु अधिकारी जनसंघ के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत हासिल की।
- 1969 में सत्य नारायण लोक तांत्रिक कांग्रेस,
- 1972 में राज किशोर प्रसाद सिंह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) तथा 1977 में जगबंधु अधिकारी जनता पार्टी से चुनाव जीता।
- कटिहार में 18 वर्षों के बाद फिर से एक बार 1980 में सीताराम चमारिया Indian National Congress
- ने अपना परचम फैराया।
- इसके बाद से 1990 में जनता दल के राम प्रकाश महतो ने जीत हासिल की। यह 1995 का साल था जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव जीता।
- 2005 से 2020 तक Tarkishore Prasad यहाँ से विजयी हुये लेकिन देखने वाली बात यह होगी, क्या 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी जीत सकेगी या नहीं।
Journalismology रिपोर्टर की कटिहार में जाँच-पड़ताल
हमारी टीम ने सोसाइटी में रहने वाले कुछ बुजुर्गो बात की उसमें पाया, यहाँ रहने वाले लोग अक्सर हिंदुत्व में ज्यादा विश्वास रखते हैं..
नमस्कार अंकल जी, कैसे है मुझे तारकिशोर प्रसाद के बारे में बताइये वह किस तरह के नेता हैं?
हमारे लिए तारकिशोर प्रसाद अच्छे नेता ही है, यहाँ गली मोहल्ले की साफ-सफाई, रोड, बिजली सब तो करते ही हैं इसीलिए 4 बार से विधायक भी हैं और जनता उनको जिता भी देती है।
नरेंद्र मोदी की वहज़ से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनते हैं या उनका भी वोट बैंक है?
नहीं ऐसा नहीं है, नीतीश जी का खुद वोट बैंक है, बिहार के कुछ लोग आज भी पसंद करते हैं लेकिन ज्यादा दिनों तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे क्योंकि मैंने यहाँ की राजनीति देखी है, बीजेपी के बहुत से नेता चाहते हैं इस बार हमारी पार्टी का मुख्यमंत्री बने। लेकिन नीतीश कुमार कोई हल्के नेताओं में से नहीं हैं जो अपनी कुर्सी ऐसे ही छोड़ देंगे।
क्या आपको लगता है राजद और कांग्रेस का महागठबंधन हिन्दू विरोधी है?
इस पर कुछ नहीं कहना चाहता हूँ, मैं बीजेपी का सपोर्टर हूँ नरेंद्र मोदी और योगी जी मेंरे नेता हैं इसलिये मेरा वोट बीजेपी को ही जायेगा और कटिहार से बीजेपी की जीत पक्की है।
निष्कर्ष:-
- सोसाइटी के लोगों से 1 घंटे की चर्चा के बाद, कटिहार विधानसभा से मतदाता दो भागो में विभाजित है पहला शहरी क्षेत्र और दूसरा देहाती (गाँव) का क्षेत्र।
- यहाँ शहरी क्षेत्र के लोग आज भी हिंदुत्व और बीजेपी के समर्थक हैं, उनका मानना है बीजेपी में लोग सुरक्षित हैं। वहीं दूसरी तरफ देहाती, गांव के लोग तेजस्वी यादव और राहुल गाँधी की तरफ आकर्षित हैं।
- लेकिन ऐसा लगता है कटिहार विधानसभा में बीजेपी (NDA) को हराना महागठबंधन के लिए कठिन चुनौती होगी। आंकड़ों के अनुसार बीजेपी यह सीट निकालकर ले जा सकती है।
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FAQ
इस विधानसभा का इतिहास सत्ता दल बीजेपी महागठबंधन के लिए बहुत अनुकूल रहा है क्योंकि 2005 से लेकर 2020 तक तारकिशोर प्रसाद जीते और वह बिहार प्रदेश के कद्दावर नेताओं में से एक माने जाते हैं इसलिये यह कहना बहुत मुश्किल है कि कटिहार विधानसभा में किसकी जीत होगी।
यह कहना बहुत मुश्किल है लेकिन जिस तरह से कटिहार विधानसभा का माहौल है उससे लगता है भारतीय जनता पार्टी उनका टिकट काट सकती है। क्योंकि बीजेपी की राजनीति 2 लोगों से चलती है जिसमें में पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे गृहमंत्री अमित शाह। इसलिये यह कह पाना बहुत मुश्किल है कि क्या तारकिशोर प्रसाद का यह आखिरी चुनाव है।
