बिहार चुनाव के इतिहास में ऐसी बहुत कम सीटें हें जहाँ बीजेपी को जीतने के लिए 2020 तक इंतजार करना पड़ा हो। भागलपुर जिले की कहलगांव विधानसभा में कांग्रेस का राज रहा। 1952 के विधानसभा चुनाव से लेकर 2020 तक 12 बार कांग्रेस ने जीत हासिल जिसमें से 9 बार कद्दावर नेता स्वर्गीय श्री सदानंद सिंह रहे। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी को अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए 69 वर्षों तक इंतजार करना पड़ा |
कहलगांव विधानसभा में रिपोर्टर ने अलग-अलग वोटरों से बात की…

वर्तमान में जिस तरह भारतीय जनता पार्टी ने हिंदुत्व का चोला पहना है उससे लगता है बिहार के चुनावों में अहम रोल होगा। लेकिन सवाल यह है क्या फिर से कहलगांव विधानसभा जीतेगी या बदलाव होगा।
कहलगांव विधानसभा का क्या माहौल है?
“सर माहौल ठीक ही है, आप तो देख ही रहे है बिहार की हालत, ना रोजगार, ना कमाई बस चल रही है जिंदगी” कहते हुये हसने लगे।
किसकी सरकार देखना चाहते है एनडीए या महागठबंधन?
मै तो तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री देखना चाहता हूँ क्योंकि नीतीश कुमार के राज में युवाओं के साथ बहुत अन्याय हुआ। हाल ही में देखिये, BPSC विद्यार्थियों के साथ पटना में क्या हुआ…… नीतीश जी वैसे तो ठीक ही है लेकिन बदलाव जरूर है। युवा मुख्यमंत्री बनेगा तो युवाओं के बारे में कुछ सोचेगा और वैसे भी नीतीश 15 साल से सत्ता में है ही, इसलिए बदलाव जरूरी है।
आपके यहाँ से स्वर्गीय श्री सदानंद सिंह 9 बार विधायक रहे, किस तरह के नेता थे?
सदानंद बाबू अच्छे नेता थे वैसे तो मैं कभी मिला नहीं लेकिन जितना सुना है अच्छे नेताओं में से एक थे। उसका खुद का वोट बैंक था, कहलगांव में कुछ ग्राम पंचायत ऐसी है जहाँ पर सिर्फ उनके ही मतदाता थे। यदि सदानंद बाबू चुनाव लड़ गये तो उनका हारना असंभव हो जाता था।
रिपोर्टर ने चाय की दुकान कर बैठे लोगों से चर्चा की…
नमस्कार कैसे हैं, मुझे बताइये, आपके विधायक पवन कुमार यादव किस तरह के नेता हैं?
पवन यादव ठीक ही है सड़क के सामने इसारा करते हुये, आप तो देख ही रहे चारों तरफ, विकास तो हो ही रहा हैं, हसते हुये पलटू चाचा को मुख्यमंत्री नहीं देखना चाहते हैं किस तरफ पलट जायें, उनका कोई भरोषा नहीं इसलिये बिहार में बदलाव होना जरूरी है। कोई भी जीते लेकिन सरकार में बदलाव होना जरूरी है।
क्या आपको लगता हैं बिहार में बदलाव हो, यदि हाँ तो मुख्यमंत्री किसको बनना चाहिए?
चिराग पासवान को बनना चाहिए, युवा है बिहार के भविष्य को देखते हुये, रही बात तेजस्वी यादव की, तेजस्वी जी भी ठीक ही हैं लेकिन मैं चाहता हूँ चिराग पासवान मुख्यमंत्री बनें।
निष्कर्ष:-
जिस तरह से लोगों ने बताया उससे लगता है कहलगांव विधानसभा से महागठबंधन का जीतना मुश्किल है क्योंकि की पछले 17 चुनावों के दौरान 12 बार कांग्रेस जीती लेकिन विकास के नाम पर बदलाव नहीं हुआ। कुछ ऑटो वालों ने, चाय की दुकान पर बैठे लोगों और बाजार जाते हुये कुछ लोगों से बात करके लगा कि ज्यादातर लोग बदलाव चाहते है जिसमें सबसे पहले तेजस्वी यादव उसके बाद चिराग पासवान का नाम आया। वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश से कोई भी ख़ुश नहीं हैं। किसी ने नौकरी के बारे में कहा, किसी ने अफसर सही के बारे में कहा तो किसी ने पलटू चाचा का नाम लेकर कहा।
इसलिये महागठबंधन को कहलगांव विधानसभा जीतने के लिए अच्छे उम्मीदवार को उतारने की जरूरत है नहीं तो यहाँ पर एक बार फिर से NDA की जीत दिख रही है। हालांकि यह रिपोर्ट आंकड़ों पर आधारित है।
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FAQ
जिस तरह से लोगों ने बताया, यहाँ से महागठबंधन के पास कोई अच्छा नेता नहीं है जो NDA का मुकाबला करें। पिछले 17 विधानसभा चुनावों में 12 बार कांग्रेस जीती लेकिन वर्तमान में कांग्रेस के जीतने का अनुमान बहुत कम है। हालांकि कौन जीतेगा, कौन हारेगा यह तो चुनावों के बाद ही पता चलेगा।
