पाकुड़ : नंगटा मसान
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पाकुड़ : नंगटा मसान जहाँ आज भी आदिवासी बलि देते हैं, देखिये पूरी सच्चाई क्या है।

by रवि पाल
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झारखण्ड प्रदेश के पाकुड़ जिले के हिरनपुर से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक पीपल का पेड़, जिसके पास बना एक मंदिर जिसे मसान देवता ( नंगटा मसान) के नाम से जाना जाता है इसको 300-400 वर्ष पुराना बताया जाता है जहां आज भी बलि दी जाती है। ऐसा भी कहा जाता है जब किसी की मनोकामना पूरी नहीं होती है, यहाँ आकर पूजा करें तो मनोकामना पूरी हो जाती है।

नंगटा मसान का रहस्य

इस मंदिर की चर्चा पिछले 100 वर्षों से होती आ रही हैं ज्यादातर लोगों का मानना है कि यहां नगटा देवता की शक्ति है ज्यादातर बिहार, झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल से लोग आते है और बड़ी सिद्द्त से पूजा करते है। 8-10 किलोमीटर के क्षेत्र मे फैला मैदानों के बीच यह पीपल का पेड़ जहाँ पर पूजा और बलि दी जाती है।

सबसे पहले नंगटा के बारे मे समझते है ताकि आपको यह समझने में आसानी हो कि यहाँ बलि क्यों दी जाती है |

मसान देवता, जिनको पहाड़ों का रक्षक बताया गया है, बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल के लोग पहाड़ों में मसान देवता की पूजा की पूजा करते हैं ऐसा माना जाता है जिस घर में इनकी पूजा होती है, वहां बुरी शक्तियों का प्रभावी नहीं होता तथा कुछ लोग मसान देवता से न्याय मांगने,संतान प्राप्ति, घरों में अनबन होना या ऐसा काम जो नहीं हो रहा हो, आदि के लिए आते हैं।

पूजा और प्रसाद ग्रहण करने का अनोखा तरीका।

लोग यहां आने के लिए अपना वाहन, जैसे ट्रेक्टर, ऑटो, ई-रिक्सा, कार और बस इत्यादि लेकर आते हैं जिनमें पूरा परिवार, रिस्तेदार, और गांव के लोग आ सकें। पूजा के दौरान, अगरबत्ती, 7 मिठाई, पान के पत्ते, धूप-कपूर इत्यादि से पूजा करते है, इसके पश्चात् पशु/पक्षी की बलि देते हैं जिसको यहीं बनाकर प्रसाद के रूप में खाना होता है। यहाँ आने के समय गैस, चूल्हा, बर्तन (पत्तल दोने), लड़की (जिससे चूल्हा जलाते हैं) लेकर आते हैं पूजा के अंतराल में अलग-अलग टोली बनाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।

नंगटा मसान में आये हुये लोगों से बातचीत की…यहाँ नामों को काल्पनिक रखा गया है।

नंगटा मसान क्यों आते हैं?

सर मैं बिहार के भागलपुर जिले से आया हूँ हम अकेले नहीं हैं जो यहाँ आते हैं हमसे पहले हमारे पूर्वज आया करते थे इसलिये आते है, इनमें बहुत शक्तियां हैं, हमलोग प्रतिवर्ष आते हैं और पूजा करते है। मेरी फॅमिली मेरे साथ आती है, नगटा देवता में हमारी श्रद्धां है।

क्या नंगटा मसान आने से मनोकामना पूर्ण हो जाती है?

ज़ी सर, मैं अपमे घर के बारे में बताता हूँ, हम लोगों ने नल लगवाने के लिए बोरिंग कराई थीं लेकिन 160 फ़ीट कराने के बाद पानी नहीं निकला, उसके बाद हमने मन्नत मांगी की, पानी की बोरिंग अच्छे से हो जाये, मैं प्रसाद चढ़ाने आउगा। अगले ही दिन 160 फिट पर पानी आ गया। ऐसे बहुत से उदाहरण है जो सच हुये है। मेरी नगटा मसान में मान्यता है इसलिये हम लोग यहाँ आते हैं।

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आप कहां से है और क्यों आई है?

सर हम लोग पिछले वर्ष आये थे हमारी कोई संतान नहीं थीं, हम यहां प्रार्थना करके और मन्नत मांग कर गये थे यदि मेरे घर कोई संतान आएगी तो मैं यहाँ आउंगी, इसलिये मैं और मेरे पति आये है।

आपको लगता है यहाँ मन्नत मानने से पूरी हो जाती है?

हाँ, मुझे तो ऐसा ही लगता है, मेरे जानने वाले ने मुझे बताया था एक बार आप (मैं और मेरे पतिदेव) नगटा मसान में माथा (सिर) टेक कर आइये। मैं 2 साल पहले आई थीं, उसके बाद अब आई हूँ, मुझे लगता है यहाँ मन्नत मांगने से पूरी हो जाती है।

हालांकि लोगों से बात करके पता चला, यहां के नगटा देवता में शक्तियाँ हैं क्योंकि ज्यादातर लोगों ने बताया, आने पर मनोकामना पूरी हो जाती हो। आस-पास के लोग आते ही रहते हैं, हालांकि किसी पशु/पक्षी की बलि देना अपनी-अपनी प्रथा हैं लेकिन कोई इसे मानता है कोई इसका खंडन करता है। 

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