औरैया : पूर्व विधायक स्वर्गीय श्री इंद्रपाल सिंह पाल | उत्तर प्रदेश चुनाव 2027
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औरैया : पूर्व विधायक स्वर्गीय श्री इंद्रपाल सिंह गडरियों के नेता कैसे बने।

by Srijanee Mukherjee
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1990 के दशक में उत्तर प्रदेश की राजनीति कांग्रेस, संयुक्त मोर्चा, जनसंघ और जनता दल जैसे राजनैतिक दलों के सहारे चलती थी जिसमें एक दल जीत जाता तो दूसरा हार जाता। लेकिन 4 अक्टूबर 1992 को गरीबों, किसानों के नेता कहें जाने वाले स्वर्गीय श्री मुलायम सिंह यादने समाजवादी पार्टी का गठन किया। इसी दौर में पूर्व विधायक स्वर्गीय श्री इंद्रपाल सिंह का नेता के तौर पर उदय हुआ।

इनका जन्म 1 सितंबर 1947 फतेहपुर रामुन इटावा (Fatehpur, Ramun Etawaha) के गरीब परिवार में हुआ था, इनके पिता श्री बसंत लाल (Shri Basant Lal) ने इन्हें अच्छे से शिक्षा दी । ऐसा माना जाता है इंद्रपाल सिंह को राजनीति में बड़ा शौक था तथा हमेशा राजनीति की बाते किया करते थे। इसलिए इन्होंने पहला चुनाव वर्ष 1991 में जनता पार्टी के टिकट पर लड़ा और जीत हासिल की।

इंद्रपाल सिंह का पहला चुनाव (1991)

वर्ष1991 में औरैया विधानसभा की संख्या 301 थी, कुल मतदाता 197594,जिसमें 108719 पुरुष, 88876 महिला थी। मतदान के दौरान 94202 मतदाताओं के मतों का उपयोग हुआ जिसमें 61323 पुरुष, 32879 महिला तथा 2508 मतों को चुनाव निर्वाचन आयोग ने अवैध करार दिया। इस तरह से इंद्रपाल सिंह (27040) ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अशोक कुमार शर्मा (24164) को 2876 मतों (3.14% Of total votes) से हरा दिया।

इंद्रपाल सिंह का दूसरा चुनाव (1993)

इन्होंने दूसरा चुनाव 1993 लड़ा यह दौर मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ा इस समय औरैया विधानसभा की संख्या 301 थी जिसमें कुल मतदाता 221266 थे। 124616 पुरुष, 96650 महिलायें थी। मतदान के दौरान 131092 मतदाताओं के मतों का उपयोग हुआ जिसमें 83366 पुरुष, 47726 महिलाओं ने मत किया और 1802 मतों को चुनाव निर्वाचन आयोग ने अवैध घोषित किया।

इस तरह से इंद्रपाल सिंह (62048) ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लाल सिंह वर्मा (50342) को 11706 मतों (9.05% Of total votes) से हरा दिया। हालांकि 1996 के विधानसभा चुनाव में लाल सिंह वर्मा बीजेपी से जीते गये थे।

इंद्रपाल सिंह का आखिरी चुनाव (2012)

हालांकि 2012 विधानसभा चुनाव से पहले इंद्रपाल सिंह हार चुके थे इसलिये इन्होंने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर बहुजन समाजवादी पार्टी का हाथ थाम कानपुर देहात जिले के सिकंदरा (207) से चुनाव लड़ा जीते। 

कुल मतदाता 296788, जिसमें 164790 पुरुष, 131998 महिला मतदाता थी। चुनाव के दौरान 182303 मतों का उपयोग हुआ। 98906 पुरुष, 83397 महिलाओं ने मत किया। इस चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार देवेंद्र सिंह भोले जोकि आपके क्षेत्र के दबंग नेताओं में माने जाते थे लेकिन बहुजन समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार इंद्रपाल सिंह (54482) ने देवेंद्र सिंह भोले (52293) को 2189 मतों से चुनाव हरा दिया।

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कैसे बने पाल, बघेल, गड़रिया समाज के नेता

औरैया और सिकंदरा विधानसभा ऐसे क्षेत्र है जहां पाल, बघेल, गड़रिया समाज के बहुत लोग रहते लेकिन पिछले 50 वर्षों से नेता और राजनैतिक दल इस समाज को ठगते आ रहे थे। ऐसा माना जाता था गड़रिया लोगों की बात कोई भी नहीं सुनता, ना उनके गांवों का विकास करता। जब इंद्रपाल सिंह राजनीति में आये तब से गड़रिया समाज का विकास हुआ

आस-पास के गांव जैसे कि पढ़ीन, बरमूपुर, फरीदापुर, तालहेपुर, अजीतमल, शहाब्दा के लोगों से मिली जानकरी के अनुसार, इंद्रपाल सिंह पाल जैसा नेता समाज को नहीं मिला। वह ऐसे नेता थे रात 12 बजे भी लोगों की समस्यायें सुनते और उनका निवारण करते।

FAQ

इंद्रपाल सिंह पाल कैसे नेता थे?

नेक, ईमानदार, कर्मस्ठ नेताओं में गिनती आती है इंद्रपाल सिंह अपने समाज के साथ -साथ दूसरे समाज, धर्म के लिए हमेशा तैयार रहते। माना जाता है आस-पास के गांव इन्हें अपना भगवान मानते थे। इन्होंने अपने राजनीति की शुरुआत जनता पार्टी से की उसके बाद 1993 का चुनाव औरैया विधानसभा सीट से लड़ा और जीता। 

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