बिहार के पुनियाँ जिले की राजनीति को दो भागों में बांटा गया है एक तरफ लोकसभा चुनाव, दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव। लोकसभा चुनाव में यहाँ की जनता ने 2014,2019 जदयू सांसद संतोष कुशवाहा को हराकर निर्दलीय उम्मीदवार राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव को जिताया, यह दर्शाता है यहाँ की जनता बदलाव चाहती है। क्या बनमनखी विधानसभा में बदलाव होगा, यहाँ के लोगों के अनुसार वर्तमान विधायक कृष्ण कुमार ऋषि के चुनाव हारने की सम्भावना है।
कृष्ण कुमार ऋषि का पहला चुनाव (2005 फरवरी)
इन्होंने अपना पहला चुनाव वर्ष 2005 फरवरी माह में जीता जिसमें राजद महिला उम्मीदवार मनोरमा देवी को 4696 मतो से हराया। बनमनखी विधानसभा में कुल मतों की संख्या 199947, जिसमें 103855 पुरुष, 96119 महिला थीं हालांकि इन मतदाताओं में 36 सर्विस (23 पुरुष, 13 महिला) मतदाता थे। हालांकि मतदान के दौरान राजद की महिला उम्मीदवार का हराना पूर्णिया जिले के लिए आश्चर्य की बात थी। क्योंकि यह दौर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का रहा है।
कृष्ण कुमार ऋषि का दूसरा चुनाव (2005 अक्टूबर)
इस चुनाव के दौरान बनमनखी विधानसभा की सख्या 126 थी। 2005 फरवरी, चुनाव के बाद बिहार राजनीति में उठक-पटक हुई जिससे इसी वर्ष फिर से चुनाव हुआ लेकिन बनमनखी के मतदाताओं ने एक बार फिर से कृष्ण कुमार ऋषि पर भरोषा जताया। चुनाव में कुल 196997 मतदाता थे जिसमें 101621 पुरुष,94376 महिला थीं। चुनाव के दौरान 81591 (3 पोस्टल वेलेट) मतों में 41250 पुरुष, 40338 महिलाओं ने मतदान किया। बीजेपी उम्मीदवार कृष्ण कुमार ऋषि (38140) ने राजद उम्मीदवार कांत लाल ऋषि (Kant Lal Rishi) (29320) को 8820 वोटों से हरा दिया।
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तीसरा चुनाव (2010)
वर्ष 2010 में बनमनखी विधानसभा की संख्या 59 थी। कुल मतदाता 232413, जिसमें 122280 पुरुष, 110133 महिला मतदाता और 59 सर्विस (41 पुरुष, 18 महिला) मतदाता थे। चुनाव के दौरान कुल मतदाता 126527 (187 पोस्टल वेलट मिलाकर), 63193 पुरुष, 63147 महिला थे। बीजेपी उम्मीदवार कृष्ण कुमार ऋषि (67950) ने राजद उम्मीदवार धर्मलाल चुनाव ऋषि (23060) को 44890 मतों से हरा दिया। पिछले विधानसभा चुनावों की गणना करें तो 2010 में राजद की सबसे बड़ी हार थी।
चौथा चुनाव (2015)
पिछले 3 विधानसभा चुनावों से साबित हो गया था कि कृष्ण कुमार ऋषि को हराना असंभव सा है। यह दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में पूरा भारत झूम रहा था फिर बीजेपी पार्टी के उम्मीदवारों के सामने चुनाव लड़ना कठिन चुनौती थी। वर्ष 2015 कुल मतदाता 283039 थे। 146954 पुरुष, 136079 महिला मतदाता थीं। मतदान के दौरान 164915 (1106 Postal) 58.27% मतों को डाला गया जिसमें 74297 पुरुष, 89512 महिलाएं थीं।
कृष्ण कुमार ऋषि (59053) ने राजद उम्मीदवार संजीव कुमार पासवान (58345) को मात्र 708 मतों से हराया। यह इतिहास का ऐसा चुनाव था जिसमें पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने अधिक मतदान किया था हालांकि ऐसा बहुत कम देखा गया है जिसमें महिलाओं में मतों की संख्या पुरुषों से ज्यादा रही हो।
पांचवा चुनाव (2020)
इस विधानसभा चुनाव में कृष्ण कुमार ऋषि (93594) ने राजद उम्मीदवार उपेंद्र शर्मा (65851) को कुल मतों का 15.2% मतों से हराया। पिछले 5 बनमनखी विधानसभा चुनावों को देखें, तो यहाँ की जनता ने बीजेपी (NDA) पूर्ण समर्थन दिया लेकिन महत्वपूर्ण यह है क्या कृष्ण कुमार ऋषि अपनी सीट बचा पाएंगे या राजद के खाते में जायेगी।
निष्कर्ष:-
यहाँ के मतदाताओं ने जिस तरह से पिछले 25 वर्षों से बीजेपी को पूर्ण समर्थन दिया उससे साबित हो गया कि यहां हिन्दुत्व का प्रभाव है लेकिन वर्तमान में पूर्णियां की जनता बदलाव चाहती है । महत्वपूर्ण यह भी है वर्ष 2015 के चुनावों में कृष्ण कुमार को मात्र 708 वोटों से जीत मिली और महिलाओं ने इसी चुनाव में बड़ चढ़ कर मतदान किया।
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FAQ
हाँ, चुनाव हार सकते हैं जिस तरह से लोगों का झुकाव केंद्रीय नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव है उससे लगता है, परिवर्तन होना लाजमी है। दूसरी तरफ लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव के जीतने से पूर्णियां जिले में परिवर्तन की हवा चल रही है। इसलिए कहा जा सकता है 5 बार के बनमनखी विधायक कृष्ण कुमार ऋषि चुनाव हार सकते हैं।
