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भारत के इतिहास में ऐसे बहुत कम ही नेता हुए जिनको किसानों का मसीहा कहा गया, चौधरी चरणसिंह एक किसान परिवार में जन्म लेकर उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहते हुए भी उनके मन में किसी तरफ का सत्ता का लालच नहीं देखा गया | यहाँ पढ़ेगे कि उनके व्यक्तित्व के साथ- साथ, गृह मंत्री, प्रधानमंत्री कैसे बने?
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चौधरी चरण सिंह गृहमंत्री का कार्यभार (1977 -78) :-
- चरण सिंह मोरारजी देसाई की सरकार में कैबनेट मंत्री बने और 24 मार्च 1977 को गृहमंत्री के रूप में पदभार संभाला, गृह मंत्री के रूप में चरण सिंह ने कांग्रेस शासन के अधीन सभी राज्यों के विधानसभाओं को भंग करने का निर्णय लिया |
- उन्होंने तर्क दिया कि ये विधानसभाएँ अब अपने संबंधित राज्यों के मतदाताओं की इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं करती है| चरण सिंह ने नौ (9) मुख्यमंत्रियों (जहाँ पर कांगेस की सरकारें थी) को, उनके राज्यपालों को उनकी राज्य विधानसभायें भंग करने की सलाह देने के लिए पत्र लिखा तथा इन राज्यों के मुख्यमंत्री इस विघटन के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट गये लेकिन लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने बर्खास्तगी को बैध ठैराया |
- 3 अक्टूबर 1977 को चरण सिंह ने इंदिरा गांधी को उनके 12 विलिंग्डन क्रिसेंट आवास से गिरफ्तार करवा दिया, उन पर आरोप था कि 1977 के चुनाव के दौरान उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए जीपें हासिल करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया था औरदूसरा आरोप ओएनजीसी और फ्रांसीसी तेल कंपनी सीएफपी के बीच अनुबंध से संबंधित था लेकिन जिस मजिस्ट्रेट के सामने वे पेश हुयी उसने उसे यह कहते हुए रिहा कर दिया कि गिरफ़्तारी के संबंध में कोई सबूत नहीं है |
चौधरी चरण सिंह के प्रधानमंत्री का सफ़र :-
- राष्ट्रपति रेड्डी द्वारा चरण सिंह को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था, जब इंदिरा गांधी और संजय गांधी ने उनसे वादा किया था कि कांग्रेस (आई) कुछ शर्तों पर उनकी सरकार को बहार से समर्थन देगी |
- चरण सिंह ने 28 जुलाई 1979 को इंदिरा गांधी की कांग्रेस (आई) पार्टी के बाहरी समर्थन से और कांग्रेस (सोशलिस्ट) पार्टी के यशवंतराव चव्हाण के साथ उपमुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली |
- इंदिरा की शर्तों में उनके और संजय के खिलाफ सभी आरोप वापस लेना सामिल था चूँकि चरण सिंह ने उन्हें हटाने से इनकार कर दिया इसलिए लोकसभा में बहुमत की पुष्टि करने से ठीक पहले कांग्रेस ने अपना समर्थन वापस ले लिया | केवल 23 दिनों के कार्यकाल के बाद उन्होंने 20 अगस्त 1979 को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और संसद का विश्वास कभी हासिल न करने वाले एक मात्र प्रधानमंत्री बन गये |
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FAQ
चौधरी चरण सिंह कितने दिनों के लिए प्रधानमंत्री बने थे?
यह केवल 23 दिनों के लिए प्रधानमंत्री बने थे उन्होंने 20 अगस्त 1979 को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और संसद का विश्वास कभी हासिल न करने वाले एक मात्र प्रधानमंत्री बन गये |
चौधरी चरण सिंह ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा कब दिया था?
उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा, 20 अगस्त 1979 को दिया था |
चौधरी चरण सिंह को प्रधानमंत्री किस राष्ट्रपति ने नियुक्त किया था?
राष्ट्रपति रेड्डी ने चरण सिंह को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था|
