एक समय था जब झारखण्ड बिहार प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था वर्ष 2000 में झारखण्ड को बिहार से अलग कर दिया गया उसके बाद से वर्तमान तक बिहार की राजनीति में बहुत बदलाव हुये, जिनमे से कुछ दलों का उदय हुआ तो कुछ दलों का खत्मा। ऐसा ही एक दल हैं जिसका नाम सीपीआई (CPI), सीपीआएम (CPIM)। झारखण्ड अलग होने के बाद बहुत सी विधानसभायें अलग बनी और कुछ के सीमाओं में परिवर्तन हुआ। पीरपेंती विधानसभा भी ऐसी ही विधानसभा है जोकि वर्तमान में भागलपुर जिले के अंतर्गत आती है यह SC रिजर्व सीट है। एक दौर था जब यहां CPI के अंबिका प्रसाद का गढ़ माना जाता था। भागलपुर के अंबिका प्रसाद का राजनैतिक सफर पीरपेंती विधानसभा में 6 बार रहा और इनका आखिरी चुनाव 1995 में जीत के साथ खत्म हुआ |
पीरपेंती विधानसभा से अंबिका प्रसाद का पहला चुनाव 1967:-

इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ( Election commission of india), 1967 विधानसभा चुनाव बिहार :-
मतदाता (Electors):- इस विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या निम्लिखित है जिसमें महिलाओं तथा पुरुषों की अलग-अलग है।
कुल मतदाताओं की संख्या 90253 थी | इस विधानसभा चुनाव के दौरान,चुनाव निर्वाचन आयोग के पास महिला और पुरुष के आंकड़े मौजूद नहीं थे इसलिए यहाँ महिला मतदाता और पुरुष मतदाताओं के आंकड़े नहीं दिये गये है।
मतदाता जिन्होंने वोट दिया ( Electors who voted):- कुल मतदाताओं की संख्या जिन्होंने अपने मत का उपयोग किया (52124) |
1967 के विधानसभा चुनाव में कुल मतों का 57.75%, 52124 मतों का उपयोग हुआ जिसमें से 2255 मतों को चुनाव निर्वाचन आयोग द्वारा अवैध करार दिया गया था। इस तरह से अंबिका प्रसाद (CPI) 23941 ने अपना पहला चुनाव कांग्रेस के बद्री नरायण राम 21019 को 2922 वोटों से हरा दिया था।
पीरपेंती विधानसभा चुनाव 1969:-
इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (Election commission of india), 1969 विधानसभा चुनाव बिहार :-
मतदाता (Electors):- इस विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या निम्लिखित है जिसमें महिलाओं तथा पुरुषों की अलग-अलग है।
- कुल मतदाताओं की संख्या 97238
- पुरुष मतदाता 52536
- महिला मतदाता 44702
मतदाता जिन्होंने वोट दिया ( Electors who voted):-
- कुल मतदाताओं की संख्या जिन्होंने अपने मत का उपयोग किया (60772)
- पुरुष मतदाता (36564)
- महिला मतदाता (24208)
1969 के विधानसभा चुनाव में कुल मतों का 62.50%, 60772 मतों का उपयोग हुआ जिसमें से 1619 मतों को चुनाव निर्वाचन आयोग द्वारा अवैध करार दिया गया था। इस तरह से अंबिका प्रसाद (CPI) 24833 ने अपना दूसरा चुनाव कांग्रेस के बद्री नरायण राम 20818 को 4115 वोटों से हरा दिया था।
अंबिका प्रसाद ने कांग्रेस के बद्री नरायण राम को लगातार दोनों चुनावों में हराकर यह साबित कर दिया था कि केंद्र में किसी कई भी सरकार हो लेकिन जब बिहार जैसे राज्यों की बात होगी तो वहाँ सीपीआई (CPI) की विजय कोई नहीं रोक सकेगा। इन्होने अपना आखिरी चुनाव 1995 में जीता, उसके बाद से वर्तमान तक पीरपैती विधानसभा सिर्फ राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय जनता पार्टी का दबदबा रहा। वर्ष 2000 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के Shobhakant Mandal लगातार 3 बार विधायक चुने गये। पिछले 15 वर्षों में 3 बार बीजेपी के हाथ में यह सीट जाती दिखी। इस तरह से अंबिका प्रसाद के जाने के बाद यहाँ वर्तमान तक सीपीआई (CPI) का कोई भी उम्मीदवार नहीं जीत सका।
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FAQ
97238 मतदाता थे। जिसमें से पुरुष मतदाता (36564) महिला मतदाता (24208) की संख्या थी।
अंबिका प्रसाद जोकि (CPI) से थे चुनाव के दौरान उनको 24833 मत मिले और उन्होंने अपना पहला चुनाव कांग्रेस के बद्री नरायण राम 20818 को 4115 वोटों से हराया था।
पुरुष मतदाता (36564)
महिला मतदाता (24208)
