भारत के उस इतिहास को प्रत्येक मनुष्य को पढ़ना चाहिए, जिस इतिहास में एक क्रांतिकारी के को गोलियों भूंज दिया गया उसके साथ- साथ उसके दोनों बच्चों को भी, उनके बारे में भी पढ़ना चाहिए जिसको भागलपुर के चौराहे पर एक वृक्ष पर लटका कर फांसी दे गयी, यह दांस्ता उस प्रदेश की है जिसमें आज भी गरीबी, भुखमरी से लोग जूझ रहे है, यहाँ तिलका मांझी के बारे में चर्चा कर रहे है|
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तिलका मांझी का जन्म :-
तत्कालीन बिहार के सुल्तानगंज के ‘तिलकपुर’ गाँव में एक संथाल परिवार में हुआ था, सिंगारसी पहाड़, पाकुड़ के जबरा पहाड़िया या तिलका मांझी का जन्म 11 फरवरी 1750 को हुआ था तथा इनके पिता का नाम सुंदरा मुर्मू था|
तिलका मांझी और अंग्रेज :-
अंग्रेजों से अपने हक़, अन्याय, परेशानी आदि से लड़ने के लिए स्वतंत्रता में भाग लिया और तिलका आंदोलन का नेतृत्व किया, ऐसा बताया जाता है इस आंदोलन/ विद्रोह का प्रमुख केंद्र वनचरीजोर (भागलपुर) था जोकि वर्तमान में विहार प्रदेश में आता है |
महत्वपूर्ण बिंदु :-
- भारत के पहले आदि विद्रोही तिलका मांझी हुए |
- 1778 ई. में, पहाड़िया सरदारों से मिलकर रामगढ़ मैप पर कब्ज़ा किया था|
- 1784 ई. में राजमहल के सुपरीडेंट क्लीवलैंड को मार डाला |
- तिलका मांझी के द्वारा गाँव में विद्रोह का संदेश साल/ सखुआ के पत्ते के माध्यम से भेजा जाता था |
कुछ वर्षों के बाद, आयरकूट के नेतृत्व में जबरा पहाड़िया के गोरिल्ला सेना पर हमला किया गया जिसमें बहुत सारे पहाड़िया मरे गये और जबरा पहाड़िया पकड़ा गया, पकड़ाने वाला सरदार पहाड़िया जरुराह था जिसने अंग्रेजों से मिलाकर इनको पकड़वाया था |
पहाड़िया सरदार ने की थी गद्दारी :-
जब जबरा पहाड़िया को पकड़ा गया उसके बाद, उनको चार घोड़ों में बांधकर घसीटते हुए भागलपुर लाया गया, मीलों दूर घसीटने के बाद भी वह जीवित था, बाद में अंग्रेजों ने भागलपुर के चौराहे पर एक विशाल वृक्ष पर सरेआम फांसी पर लटका दिया और दिन 13 जनवरी 1785 था |
तिलका मांझी का नाम, अंग्रेजों द्वारा दिया गया था लेकिन इनका असली नाम जबरा/ जौहर पहाड़िया था इसके कुछ वर्षों ने वहाँ की सरकार ने उनके नाम पर एक युनिवर्सिटी भी बनवाई जिसका नाम तिलका मांझी, युनिवर्सिटी, भागलपुर बिहार में स्थित है |
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FAQ
Tilka Manjhi ने, तिलका आंदोलन का नेतृत्व किया था |
इनका जन्म वर्तमान बिहार के सुल्तानगंज ‘तिलकपुर’ गाँव में में हुआ था यह संथाल परिवार में जन्मे थे|
यह गाँव बिहार के सुल्तानगंज प्रखंड में आता है |
इनके पिता का नाम सुंदरा मुर्मू है |
इनका जन्म11 फरवरी 1750 संथाल परिवार में हुआ था जोकि वर्तमान में आधिवासी क्षेत्र बिहार और झारखंड में आता है |
इनको जबरा पहाड़िया या Tilka Manjhi के नाम से जाना जाता है |
जबरा पहाड़िया को अंग्रेजों के द्वारा पकडवाने में सरदार पहाड़िया जरुराह था |
