वैसे तो झारखण्ड से बिहार जाने के बहुत से रास्ते हैं अक्सर लोग ट्रेन (Train) का रास्ता चुनते हैं हालांकि यह सरल और सुलभ है लेकिन कुछ रास्ते है जिससे साहिबगंज से मनिहारी कटिहार जाया जाता है। यहाँ गंगा जहाज की पूरी जानकरी समझेंगे।
साहिबगंज से मनिहारी (कटिहार, बिहार) :-
यहाँ निम्नलिखित 2 तरीकों से जाया जा सकता है।
- 1- ट्रेन (Train) द्वारा
- 2- गंगा जहाज द्वारा ( एक प्रकार का यात्री जहाज जो गंगा नदी के एक तरफ से दूसरे तरफ ले जाने में सहायक)
ट्रेन (Train) :-
रेलगाड़ी से जाने के लिए साहिबगंज से पाकुड़ रेलवे स्टेशन आना है,जैसे ही बाहर निकलेंगे, बैटरी रिक्सा, ऑटो, बस के द्वारा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का धुलियांन गंगा (Dhulian Ganga railway station) के लिए जाना हैं। पाकुड़ से धुलियांन गंगा की दूरी लगभग 15-16 किलोमीटर है वहाँ तक पहुंचने में 25-30 मिनट लगता हैं। धुलियांन गंगा रेलवे स्टेशन से सुबह 5 बजे से 5:30 बजे कटिहार के लिए ट्रेन मिल जायेगी।
- a-साहिबगंज रेलवे स्टेशन झारखण्ड से पाकुड़ रेलवे स्टेशन
- b-पाकुड़ रेलवे स्टेशन से धूलियांन गंगा रेलवे स्टेशन
इस तरह से ट्रेन के द्वारा बिहार से कटिहार जिले में जाया जा सकता है।
2- गंगा जहाज :-
यदि आप साहिबगंज झारखण्ड से मनिहारी बिहार/ कटिहार जाना चाहते है तो सबसे कम समय में सबसे अच्छा रास्ता गंगा जहाज माना जाता है लेकिन यह जितना अच्छा है उतना ही खतरनाक, क्योंकि पिछले 10 वर्षों को देखे तो प्रत्येक वर्ष कोई न कोई ऐसी खबर आ ही जाती है जो दिलों को दहलाकर रख देती हैं।

टिकट किराया :–
साहिबगंज से मनिहारी/ कटिहार जाने के लिए गंगा जहाज का किराया 51 रूपये है हालांकि यह पुरुष और महिलाओं का किराया माना जाता है लेकिन बच्चों का किराया और सामान ( मोटर साईकिल, खाने का सामान, कपड़े आदि) अलग-अलग श्रेणी में रखा गया है।

गंगा जहाज की बनावट-:
- यह एक प्रकार की मोटर नाव हुआ करती है जिसके एक तरफ इंजन होता है और दूसरी तरफ यात्रियों के बैठने की सुविधा, हालांकि यात्री दोनों तरफ बैठ सकते हैं। कम से कम 50-100 यात्री एक समय में गंगा के एक तरफ से दूसरे तरफ जाते हैं। इस जहाज में खाने पीने का सामान से लेकर, और भी सुविधाएं होती हैं।
- जहाँ से जहाज चलता है उसके नीचे एक इंजन लगा रहता है जिसे जहाज के कर्मचारी कुछ देर तक चलाते रहते हैं ताकि गैस ना बने और इंजन पूरी तरह से काम करने लगे।
- कम से कम 15 जहाज कर्मी होते हैं जिनका काम, जहाज में किसी भी प्रकार की घटना होने से बचाने के लिए रखा जाता है जैसे ड्राइवर, इलेक्ट्रीशियन, गोताखोर, और इंजन की चलाने वाले कर्मचारी।
- गंगा जहाज के ऊपर श्रीराम, बजरंगबली, और कालीमाता के झंडे लगे रहते हैं ऐसा कहा जाता हैं इस तरफ के जहाजों में कालीमाता, बजरंगबली जैसे देवताओं का वास होता है और विपत्ति आने पर बचाते हैं।

समय :-
इसके चलने का समय सुबह 6:30 से शाम के 4:30 बजे माना जाता है। साहिबगंज से सुबह 6:30 से 7 बजे चलता है तथा इसको दूसरी तरफ ( मनिहारी/कटिहार) पहुंचने में 1:30 घंटा लगता है।
- a- साहिबगंज से पहला गंगा जहाज सेवा का समय प्रातः 6:30 बजे है।
- b- साहिबगंज से आखिरी गंगा जहाज सेवा का समय दोपहर 2:30 बजे है।
- c- मनिहारी से पहला गंगा जहाज सेवा का समय प्रातः 11 बजे है।
- d- मनिहारी/कटिहार से आखिरी गंगा जहाज सेवा का समय शाम 4:15 बजे है।
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गंगा जहाज में बैठने से पहले रखे ध्यान:-
- जब इस तरह की यात्रा करते है तो ध्यान रखे कि बारिश का समय ना हो, इस दौरान गंगा नदी में पानी का बहाव ज्यादा होता है तो गंगा जगह के डूबने या अनहोनो घटने के चांस ज्यादा हों जाते हैं।
- इस तरह कई यात्रा करने से पहले, कुछ उपकरण जैसे जीवन रक्षक जैकेट या PFD का उपयोग करना आना चाहिए।
- मोबाईल का ज्यादा उपयोग ना करें, इससे गिरने या पैर फिसलने का डर रहता है। क्योंकि इस तरह के जहाज में NDRF की कोई टीमें नहीं होती है जोकि तुरंत बचाएगी।
- यदि कभी अनहोनी होती हैं तो घबरायें नहीं, यहां-वहाँ देखे और जीवन रक्षक जैकेट को तुरंत पहनकर पानी में कूद जाये इससे डूबने की सम्भावना बहुत कम हो जाती है।
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रेलवे स्टेशन से साहिबगंज गंगा घाट (ऑटो से 10 रुपया किराया)।
गंगा घाट से गंगा जहाज के द्वारा सुबह 6:30 से दोपहर 2:30 आखिरी जहाज।
किराया 51 रूपये है जाने से पहले टिकट लेना अनिवार्य है और जिस टिकट को आप लेते हैं उसे फेकें नहीं, क्योंकि उतरने के समय उस टिकट की चेकिंग होती है।
